Religious Namami Shamishan Lyrics in Hindi with Meaning
🔱 नमामी शमीशान निर्वाण रूपम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं
गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्।
करालं महाकाल कालं कृपालं
गुणागार संसार पारं नतोऽहम्॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं
मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा
लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगम्॥
चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि॥
अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशं ।त्र्यःशूलनिर्मूलनं शूलपाणिं,
भजेहं भवानीपतिं भावगम्यम् ॥
कलातीतकल्याण कल्पान्तकारी,
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी ।चिदानन्दसंदोह मोहापहारी,
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ॥
न यावद् उमानाथपादारविन्दं,
भजन्तीह लोके परे वा नराणाम् ।न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं,
प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं ॥
न जानामि योगं जपं नैव पूजां,
नतोहं सदा सर्वदा शम्भुतुभ्यम् ।जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानं,
प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो ॥
नमामी शमीशान निर्वाण रूपम् मंत्र अर्थ
मैं भगवान शिव को प्रणाम करता हूँ, जो निर्वाण का स्वरूप हैं। वेदों के स्वरूप में व्याप्त सर्वशक्तिमान ब्रह्म को।
उनके अपने, दिव्य, दिव्य, निस्वार्थ। मैं चेतना के आकाश, आकाश के निवास की पूजा करता हूँ।
जिनका कोई आकार नहीं, जो ॐ के मूल हैं, जिनका कोई राज्य नहीं, जो गिरी के वासी हैं, जो कि सभी ज्ञान, शब्द से परे हैं, जो कि कैलाश के स्वामी हैं, जिनका रूप भयावह हैं, जो कि काल के स्वामी हैं, जो उदार एवम् दयालु हैं, जो गुणों का खजाना हैं, जो पुरे संसार के परे हैं उनके सामने मैं नत मस्तक हूँ |
जो कि बर्फ के समान शील हैं, जिनका मुख सुंदर हैं, जो गौर रंग के हैं जो गहन चिंतन में हैं, जो सभी प्राणियों के मन में हैं, जिनका वैभव अपार हैं, जिनकी देह सुंदर हैं, जिनके मस्तक पर तेज हैं जिनकी जटाओ में लहलहारती गंगा हैं, जिनके चमकते हुए मस्तक पर चाँद हैं, और जिनके कंठ पर सर्प का वास हैं |
जिनके कानों में बालियाँ हैं, जिनकी सुन्दर भौंहें और बड़ी-बड़ी आँखे हैं जिनके चेहरे पर सुख का भाव हैं जिनके कंठ में विष का वास हैं जो दयालु हैं, जिनके वस्त्र शेर की खाल हैं, जिनके गले में मुंड की माला हैं ऐसे प्रिय शंकर पुरे संसार के नाथ हैं उनको मैं पूजता हूँ |
प्रचंड, जो असाधारण, गौरवशाली, भगवान हैं, अखंड, अजन्मे, लाखों सूर्यों के समान तेजस्वी।जिनके पास त्रिशूल हैं जिनका कोई मूल नहीं हैं जिनमे किसी भी मूल का नाश करने की शक्ति हैं ऐसे त्रिशूल धारी माँ भगवती के पति जो प्रेम से जीते जा सकते हैं उन्हें मैं वन्दन करता हूँ |
जो काल के बंधे नहीं हैं, जो कल्याणकारी हैं, जो विनाशक भी हैं,जो हमेशा आशीर्वाद देते है और धर्म का साथ देते हैं , जो अधर्मी का नाश करते हैं, जो चित्त का आनंद हैं, जो जूनून हैं जो मुझसे खुश रहे ऐसे भगवान जो कामदेव नाशी हैं उन्हें मेरा प्रणाम |
जो यथावत नहीं हैं, ऐसे उमा पति के चरणों में कमल वन्दन करता हैं ऐसे भगवान को पूरे लोक के नर नारी पूजते हैं, जो सुख हैं, शांति हैं, जो सारे दुखो का नाश करते हैं जो सभी जगह वास करते हैं |
मैं कुछ नहीं जानता, ना योग, न जप न ही पूजा, हे देव मैं आपके सामने अपना मस्तक हमेशा झुकाता हूँ, सभी संसारिक कष्टों, दुःख दर्द से मेरी रक्षा करे. मेरी बुढ़ापे के कष्टों से से रक्षा करें | मैं सदा ऐसे शिव शम्भु को प्रणाम करता हूँ |
Namami Shamishan Lyrics (English)
Namami Shamishan Nirvan Roopam
Vibhum Vyapakam Brahma Veda Swaroopam
Nijam Nirgunam Nirvikalpam Nireeham
Chidakashmakash Vaasam Bhajeham
Nirakaram Omkar Moolam Tureeyam
Gira Gyaan Goteetam Eesham Girisham
Karaalam Mahakaal Kaalam Kripaalam
Gunagaar Sansaar Paaram Natoaham
Tushaaradri Sankash Gauram Gabheeram
Mano Bhoota Koti Prabha Shri Shareeram
Sphuran Mouli Kallolini Charu Ganga
Lasadbhaal Baalendu Kanthe Bhujangam
Chalat Kundalam Bhru Sunetram Vishaalam
Prasannaananam Neelkantham Dayalam
Mrigaadheesh Charmambaram Mundamaalam
Priyam Shankaram Sarvanaatham Bhajaami
Prachandam Prakrishtam Pragalbham Paresham
Akhandam Ajambhaanukoti Prakaasham |
Trayahshool Nirmoolanam Shoolpaanim
Bhajeham Bhawani Patim Bhaav Gamyam || 5 ||
Kalateet Kalyaan Kalpantkaari
Sada Sajjanaanand Daata Purari |
Chidaanand Sandoh Mohapahari
Praseed Praseed Prabho Manmathari || 6 ||
Nayaavad Umanath Paadaravindam
Bhajanteeha Lokey Parewa Naraanaam |
Na Tawatsukham Shaantisantapnaasham
Praseed Prabho Sarvabhootadhivaasam || 7 ||
Na Jaanaami Yogam Japam Naiva Poojaam
Na Toham Sada Sarvada Shambhu Tubhhyam |
Jarajanm Dukhhaudya Taapatyamaanam
Prabho Paahi Aapan Namaami Shri Shambho || 8 ||
Rudrashtakamidam Proktam Vipren Hartoshaye |
Ye Pathanti Naraa Bhaktaya Teyshaam Shambhu Praseedati ||
🌟 Benefits of Chanting Namami Shamishan
- 🕉️ मानसिक शांति और ध्यान में वृद्धि
- 💪 नकारात्मक ऊर्जा का नाश
- 🙏 आध्यात्मिक उन्नति और आत्मज्ञान
- 🔥 भय और चिंता से मुक्ति
- 🌙 शिव कृपा और आशीर्वाद प्राप्ति
❓ Frequently Asked Questions (FAQ)
Q: What is Namami Shamishan?
A: It is a sacred Shiva stotra that glorifies the eternal and formless nature of Lord Shiva.
Q: When should it be recited?
A: It is best recited during early morning, meditation time, or on Mondays and Mahashivratri.
Q: What are the benefits of this prayer?
A: It brings peace, removes fear, enhances spiritual growth, and invokes divine blessings.

